चीन की खतरनाक महात्वाकांक्षा और भारत सहित अन्य देश : रत्नेश कुमार मिश्रा

चीन की खतरनाक महात्वाकांक्षा और भारत सहित अन्य देश                                                           – रत्नेश कुमार मिश्रा विश्व आज चीन की महात्वाकांक्षा एवं उसके विनाशकारी साम्राज्यवादी प्रवृत्ति के कारण कोरोना जैसे अबूझ एवं गंभीर बीमारी की आग में जल रहा है. अमेरिकाख्, इंग्लैंड, ब्राजील, इटली, आस्ट्रेलिया एवं रूस जैसे शक्तिशाली देश भी आज इस समस्या के सामने घुटने टेक चुके हैं और त्राहिमाम कर रहे…

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पुस्तक समीक्षा : वो पता ढूंढें हमारा (ग़ज़ल संग्रह) – जीवन सिंह

मुसीबत में ईमान की रक्षा करने वाली ग़ज़लें – जीवन सिंह जब से दुष्यंत कुमार ने ग़ज़ल को उसकी अपनी पारंपरिक चौहद्दियों से बाहर निकालकर उसे जिन्दगी के बड़े और खुले मैदान में उतारा तब से एक जरूरी बात यह हुई कि उसे लोकप्रियता के साथ व्यापकता, विविधता और विस्तार करने का अवसर भी मिल गया | वह एक तरह की घुटन और अँधेरे से बाहर निकलकर कविता की तरह ज़िंदगी के बाहरी और भीतरी यथार्थ को जिन्दादिली के साथ टोहने वाली विधा बन गयी |उसका कुछ ऐसा रूपांतरण हुआ कि…

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खास कलम : डॉ अन्जुम बाराबंकवी

1 दर्द से, रंज से, तकलीफ़ से हलकान हैं हम, इतनी आबादी में रहते हुए वीरान हैं हम।   इन दिनों ख़ौफ़ का बेचैनी का उन्वान हैं हम, एक बे-देखे से दुश्मन से परेशान हैं हम।   ग़म की ये धुंध छटेगी तो खुलेगा ये भी, किन मसाइल के सबब दर्द का दीवान हैं हम।   इस मुसीबत में भी लोगों का बुरा चाहते हैं, शर्म आती है ये कहते हुए इंसान हैं हम।   जिसको देखो वो हिफाज़त की क़सम खाए है, ऐसा लगता है कि लूटा हुआ सामान…

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