आओ मनाएं हैप्पी वाली हेल्दी होली

आओ मनाएं हैप्पी वाली हेल्दी होली                                               – प्रियंका जायसवाल, बाल साहित्यकार एक तो परीक्षा की झंझट से मुक्ति और दूसरा होली का त्योहार। बच्चों के तो खुशी के मारे पैर जमीन पर ही नहीं पड़ रहे थे। रौनक व मित्रमंडली भी इसी उधेड़बुन में लगे थे कि इस बार जोरदार होली कैसे मनाया जाए? ‘‘हां, पर हमारे मोहल्ले वाले तो रंगों के नाम से ही ऐसे डर रहे हैं,…

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बच्चों का कोना

गोपी लौट आया – दर्शन सिंह आशट जब स्कूल से घर आकर गोपी ने अपना बैग फर्श पर फेंका तो उस में से कुछ फटी हुई कापियाँ और पुस्तकें बाहर निकल कर बिखर गई। उसकी माताजी, जो पहले ही किसी कारण निराश-सी बैठी थीं, ने जब यह देखा तो उनका पारा चढ़ गया। उन्होंने एकदम उसके गाल पर थप्पड़ जड़ दिया और बोली, ‘मॉडल स्कूल में पढते हो। वहाँ यही सब सिखाते हैं क्या? कितने दिन से देख रही हूँ। कभी बैग फेंक देते हो, कभी मोज़े और जूते निकालकर…

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जादू की छड़ी – इला प्रवीण

एक रात की बात है शालू अपने बिस्तर पर लेटी थी। अचानक उसके कमरे की खिडकी पर बिजली चमकी। शालू घबराकर उठ गई। उसने देखा कि खिडकी के पास एक बुढिया हवा मे उड़ रही थी। बुढ़िया खिडकी के पास आइ और बोली “शालू तुम मुझे अच्छी लड़की हो। इसलिए मैं तुम्हे कुछ देना चाहती हूँ।” शालू यह सुनकर बहुत खुश हुई। बुढिया ने शालू को एक छड़ी देते हुए कहा “शालू ये जादू की छड़ी है। तुम इसे जिस भी चीज की तरफ मोड़ कर दो बार घुमाओगी वह…

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चतुर बिल्ली

एक चिड़ा पेड़ पर घोंसला बनाकर मजे से रहता था। एक दिन वह दाना पानी के चक्कर में अच्छी फसल वाले खेत में पहुँच गया। वहाँ खाने पीने की मौज से बड़ा ही खुश हुआ। उस खुशी में रात को वह घर आना भी भूल गया और उसके दिन मजे में वही बीतने लगे। इधर शाम को एक खरगोश उस पेड़ के पास आया जहाँ चिड्डे का घोंसला था। पेड़ जरा भी ऊँचा नहीं था। इसलिए खरगोश ने उस घोंसलें में झाँक कर देखा तो पता चला कि यह घोंसला…

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