संयुक्तांक (सैतालीस और अड़तालीस)

विजय कुमार स्वर्णकार की ग़ज़लों में जीवन के विविध रूपों की अभिव्यक्ति हुई है :: अनिरुद्ध सिन्हा 

विजय कुमार स्वर्णकार की ग़ज़लों में जीवन के विविध रूपों की अभिव्यक्ति हुई है             …