माँ
– सतीश नूतन 

माँ
फैमली पेंशन पाती है

पेंशन लेने जब भी आती है बैंक
पासबुक में दबा कर लाती है
घर की जरूरतों की एक लम्बी सूची

हर माह
जरूरतमंदों द्वारा
लिखी-थमाई
इस सूची में
उसने
कभी नहीं लिखा
अपना नाम और अपनी जरूरतें

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