विशिष्ट गीतकार : मनोज जैन मधुर
परिचय : मनोज जैन मधुर, गीत व कविताओं की सांत संग्रह प्रकाशित. विभिन्न संस्थाओं की आेर से 15 से अधिक सम्मान. सम्पर्क – सी. एम.- 13, इन्दिरा कॉलोनी, बाग़ उमराव…
परिचय : मनोज जैन मधुर, गीत व कविताओं की सांत संग्रह प्रकाशित. विभिन्न संस्थाओं की आेर से 15 से अधिक सम्मान. सम्पर्क – सी. एम.- 13, इन्दिरा कॉलोनी, बाग़ उमराव…
………………………………………………. परिचय : मुख्य अध्यापिका, केंद्रीय विद्यालय, प्रगति विहार, लोधी रोड, दिल्ली मो.- 09899809960 ब्लॉग – mukharkalpana.blogspot.in
दोहे – जयप्रकाश मिश्र बच्चें भी पढ़ने लगे, तीर धनुष तलवार । दिल मेरा जलता रहा, देख हजारों बार।। उजड़ी बस्ती कह रही, जख्म भरा इतिहास। मत खेलो इंसान से,…
बंटवारे को लेकर एक अलग नजरिया देती है पार्टीशन 1947 अगर आप बंटवारे को लेकर जानना चाहते हैं, समझना चाहते हैं तो ‘पार्टीशन 1947’ आपको एक बार ज़रूर देखनी चाहिए।…
मूँछ, नाक और मनोबल – स्नेह मधुर हर इन्सान के चेहरे पर नाक होती है। शरीफ और पढ़े लिखे लोग इस नाक को अपनी इज्जत बताते हैं। वैसे जानवरों की…
नाटक – क्रमिक विकास, प्रयोग और प्रयोजन – वंदना शुक्ल – मार्क्स का अत्यंत प्रसिद्ध कथन है कि अभी तक दार्शनिकों ने दुनिया की व्याख्या की थी, लेकिन सवाल दुनिया…
उर्दू हिंदी अल्फ़ाज़ का हसीन मिलन शब्दों की कीमत शायरी का लगाव हमेशा दिल से रहा है. मौज़ू और मंज़ूम कलाम को शायरी कहते हैं. दूसरे शब्दों में अपने हुस्न-ए-ख़्याल…
गोपी लौट आया – दर्शन सिंह आशट जब स्कूल से घर आकर गोपी ने अपना बैग फर्श पर फेंका तो उस में से कुछ फटी हुई कापियाँ और पुस्तकें बाहर…
शरद कोकास के शीघ्र प्रकाश्य पुस्तक मस्तिष्क की सत्ता की पांच कड़ियां हम पैदा ही नहीं होते तो क्या होता ? ज़रा सोचकर देखिये अगर आप पैदा ही नहीं होते…
लाल दुख.. दुःख तो हमेशा से ही सदाबहार रहा है पर उसमें खिलने वाले फूल …. वो फूल… जो किसी स्त्री की देह के लिए ही खिलते हैं निश्चित ही….…