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विशिष्ट गीतकार : दिनेश प्रभात
1 आप भी तो ओंठ से कुछ बोलियेगा चाँदनी बनकर नयन में डोलियेगा सिर्फ़ मैं ही आपसे कहता रहा हूँ एक तट-सा टूटता ढहता रहा हूँ पोटली में…
विशिष्ट गीतकार :: यश मालवीय
यश मालवीय के पांच गीत शरद का एक गीत हंसी की चिठ्ठी ना आई,आई है पूनम साँसों घुला शरद शहदीला बर्फ़ानी मौसम गर्म पुलोवर के भीतर भी कितने भीगे हम…
विशिष्ट गीतकार :: हीरालाल मिश्र मधुकर
1 थक गई संवेदना को पंख दे दो प्यार के खिलते कँवल कुम्हिला रहे हैं । आँख का पानी सिमटता जा रहा है अंकुरित श्रद्धा शिथिल होने लगी है समय…
