विशिष्ट गीतकार : चंद्रेश शेखर
Related Posts
विशिष्ट गीतकार :: अनीता सिंह
अनीता सिंह की पांच कविताएं बरसा हथिया चौरी-चांचर सूंड गिराकर हथिया बरसा जोर- जोर से। जब चढ़ता अदरा नहीं बरसे तब माटी फसलों को तरसे विदा काल जब…
विशिष्ट गीतकार :: सुभाष वसिष्ठ
***** सुभाष वसिष्ठ के पांच गीत मन बहुत बीमार आज मन है सच बहुत बीमार बेतरह ख़ामोश बिस्तर चाय या अख़बार दोपहर हो शाम आई सुबह छाई है अभी तक…
