पुस्तक समीक्षा :: डॉ सपना तिवारी
वर्तमान यथार्थ का : ‘अनकही अनुभूतियों का सच’ वस्तुतः काव्य मानवीय संवेदना की भावाभिव्यक्ति है, जिसमें समग्र यथार्थ के साथ तदात्म्य स्थापना की प्रक्रिया चलती रहती है। कविता का काम…
वर्तमान यथार्थ का : ‘अनकही अनुभूतियों का सच’ वस्तुतः काव्य मानवीय संवेदना की भावाभिव्यक्ति है, जिसमें समग्र यथार्थ के साथ तदात्म्य स्थापना की प्रक्रिया चलती रहती है। कविता का काम…
हस्तीमल हस्ती की ग़ज़लें प्रगतिशील जीवन मूल्यों का दर्पण : अनिरुद्ध सिन्हा सामान्य धारणा है कि हस्तीमल हस्ती ग़ज़ल-विधा पर विचार करनेवाले ग़ज़लकार हैं। इनकी ग़ज़लें सृजन और समय की…
संवेदना को झकझोरती ग़ज़लें – शिखरों के सोपान – डॉ.भावना ग़ज़ल की बात आती है तो बरबस ही प्रेम याद आता है, प्रेम में बीता पल याद आता है…
डी.एम.मिश्र की ग़ज़लें लोक-जीवन का काव्यात्मक अंकन हैं डी.एम.मिश्र की ग़ज़लें अपने स्वगत चिंतन और आत्मानुभूति के लोक में स्वछंद विहार करती हुई नज़र आती हैं। इसका प्रमुख कारण है…
गहन संवेदना का प्रखर दस्तावेज परवाज-ए-ग़ज़ल गजल जब अपने परंपरागत ढांचे को तोड़ते हुए रूहानियत और रूमानियत के सिंहासन से उतरकर किसी झोपड़ी के चौखट की पीड़ा के प्रति जवाबदेह…
मानवीय संवेदना के रस से युक्त”अभी तुम इश्क़ में हो” छंदमुक्त कविता के जिस दौर में लोग मांग के अनुसार कविता लिख रहे हों, उस दौर में अगर कोई अपने…
रूमानी कलेवर में गंभीर चिंतन सहेजती कहानियाँ डार्क चॉकलेटी आवरण पर रखा कप, कप से उठती भाप में नज़र आते दो दिल और सुर्ख गुलाब ! काफ़ी हैं महसूस कराने…
डॉ हरी सिंह गौर केंद्रीय विश्व विद्यालय के हिंदी विभाग द्वारा ,समकालीन ग़ज़ल और अशोक मिज़ाज,शीर्षक से परिचर्चा एवं काव्य पाठ का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य वक्ता के रूप…
समकालीन महिला गजलकार : एक महत्वपूर्ण कृति – जयप्रकाश मिश्र ख्यातिप्राप्त लेखक एवं चर्चित दोहाकार हरेराम “समीप” के संपादकत्व में छपी पुस्तक “समकालीन महिला गजलकार” साहित्य जगत में एक महत्त्वपूर्ण…
हिंदी ग़ज़ल का प्रभुत्व यानी हिंदी ग़ज़ल का नया पक्ष – लेखक – अनिरुद्ध सिन्हा/ समीक्षक – शहंशाह आलम हिंदी ग़ज़ल की आलोचना मेरे ख़्याल से हिंदी साहित्य में उतनी व्यापक अथवा विकसित…