समीक्षा : मधुकर वनमाली
नई समीक्षा : ईदगाह (मुंशी प्रेमचंद) – मधुकर वनमाली सत्यम शिवम सुंदरम ईदगाह, हिन्दुस्तान की कहानी है।वह हिन्दुस्तान जिसकी तहजीब आज खो गई है।वही तहजीब जो बड़ों को इज्जत और…
नई समीक्षा : ईदगाह (मुंशी प्रेमचंद) – मधुकर वनमाली सत्यम शिवम सुंदरम ईदगाह, हिन्दुस्तान की कहानी है।वह हिन्दुस्तान जिसकी तहजीब आज खो गई है।वही तहजीब जो बड़ों को इज्जत और…
मुसीबत में ईमान की रक्षा करने वाली ग़ज़लें – जीवन सिंह जब से दुष्यंत कुमार ने ग़ज़ल को उसकी अपनी पारंपरिक चौहद्दियों से बाहर निकालकर उसे जिन्दगी के बड़े और…
आग की छाती पर पैर रखकर – शहंशाह आलम रंजीता सिंह ‘फ़लक’ की कविताओं का संग्रह ‘प्रेम में पड़े रहना’ ऐसे वक़्त में छपकर आया है, जब दुनिया भर में…
भावों की सशक्त अभिव्यक्ति, भाषा का सरल प्रवाह : डॉ. सीमा शर्मा ‘खिड़कियों से झाँकती आँखें’ सुधा ओम ढींगरा का सातवाँ कहानी संग्रह है। इन सभी कहानी संग्रहों को पढ़ने…
विलक्षण, बिंब, प्रतीक और भाषा का संगम ‘ईश्वर का अनुवाद करते हुए’ ‘ईश्वर का अनुवाद करते हुए’ वरिष्ठ कवि डॉक्टर स्वदेश कुमार भटनागर का सद्य प्रकाशित गद्य कविता- संग्रह है,…
सामाजिक दायित्व के बोध की ग़ज़लें :: चुप्पियों के बीच मुकेश कुमार सिन्हा वो विज्ञान की विद्यार्थी रहीं हैं। रसायन शास्त्र पसंदीदा विषय है। फिर भी साहित्य में गहरी…
मुंगेर के युवा ग़ज़लकार विकास की गजल संग्रह “उछालो यूँ नहीं पत्थर” से गुजरते हुए – कुमार कृष्णन आधुनिक हिन्दी गजल अपने मौलिक चिंतन तथा विशिष्ट कथ्य-प्रतिभा के बल पर…
समालोचना के निकष पर ग्यारह ग़ज़लकार: विमर्श के बहाने – के. पी. अनमोल पिछले अनेक सालों से ज़हीर क़ुरैशी हिन्दी ग़ज़ल के प्रवक्ता ग़ज़लकार रहे हैं, इस बात पर कोई…
अगस्त्य के महानायक श्रीराम : एक मनुष्य के रूप में राम के अंतर्द्वंद्वों की पड़ताल – नीरज नीर राम कथा का कथानक ऐसा है कि इसे जितनी बार लिखा जाये,…
पुस्तक समीक्षा :: वह सांप सीढ़ी नहीं खेलता कविता लेखन एक साधना है. यह शब्दों का ताना-बाना भर ही नहीं होता. भावनाओं को व्यक्त करने के लिए शब्दों को साधना…