गहन संवेदना का प्रमाण ‘देवता पाषाण के’ :: डॉ.प्रेम प्रकाश त्रिपाठी

गहन संवेदना का प्रमाण ‘देवता पाषाण के’ डॉ.प्रेम प्रकाश त्रिपाठी गीतकार भाऊराव महंत का प्रथम गीत संग्रह ‘देवता पाषाण के’ गहन संवेदना का प्रमाण है। सभी गीतों का उद्गम प्रायः…

हिंदी ग़ज़लों की महत्वपूर्ण कृति ‘रास्तों से रास्ते निकले’ : डॉ भावना

हिंदी ग़ज़लों की महत्वपूर्ण कृति ‘रास्तों से रास्ते निकले’ : –  डॉ भावना ‘रास्तों से रास्ते निकले ‘ लब्ध प्रतिष्ठित ग़ज़लकार ज़हीर कुरेशी का  ग़ज़ल -संग्रह है, जो अयन प्रकाशन,…

‘मेरा चेहरा वापस दो’ ग़ज़ल का नया और मौलिक चेहरा : डॉ. भावना

‘मेरा चेहरा वापस दो’ ग़ज़ल का नया और मौलिक चेहरा – डॉ. भावना ‘मेरा चेहरा वापस दो’ छोटे बहर के मशहूर शायर विज्ञान व्रत का चुनिंदा ग़ज़लों का संग्रह है,…

अदम्य :बिहार के युवा ग़ज़लकार :: देवयानी झाडे

अदम्य :बिहार के युवा ग़ज़लकार ‘अदम्य’ ग़ज़ल-संग्रह अपने समय की तमाम दबी कुचली और पीड़ित आवाजों को मुखर बनाने में सफल हुआ है| यह पुस्तक हाल ही में श्वेतवर्णा प्रकाशन…

आम आदमी की कविताएं ‘आकाश के पन्ने पर’ :: आशीष मोहन

आम आदमी की कविताएं ‘आकाश के पन्ने पर’ आशीष मोहन डॉ. अमरजीत कौंके समकालीन कविताई के जाने-माने नाम, हिंदी और पंजाबी के बीच सेतु और दोनों ही भाषाओं के सिद्धहस्त…

पुस्तक समीक्षा :: एटमी हथियारों की होड़ पर गंभीर सवाल ‘रुई लपेटी आग’ :: ऋचा वर्मा 

एटमी हथियारों की होड़ पर गंभीर सवाल ‘रुई लपेटी आग’ :: ऋचा वर्मा  (अवधेश प्रीत की पुस्तक ‘रुई लपेटी आग’ की समीक्षा) अपने पहले उपन्यास ‘अशोक राजपथ’ से समकालीन उपन्यास लेखन…

कोरोना काल में बेबसी की कविताएं ‘दुनिया भेलई उदास’ :: सुधांशु चक्रवर्ती

कोरोना काल में बेबसी की कविताएं ‘दुनिया भेलई उदास’ सुधांशु चक्रवर्ती दुनिया की कोई भी भाषा पिंजरे में क़ैद नहीं होती।प्रेम-मुहब्बत,दु:ख-दर्द, भूख, सुरक्षा, सम्मान आदि की भावनाओं एक-दूसरे के बीच…

हृदय से निसृत साधना का गीत ‘बात करती शिलाएं’ :: कान्ति शुक्ला

हृदय से निसृत साधना का गीत ‘बात करती शिलाएं’  कान्ति शुक्ला काव्य सृजन जीवन का स्पंदन है। जब यही स्पंदन सहजता और सरलता से मुखरित हो जाए तो कविता सृजित…