इक्कीसवीं सदी के इक्कीसवें साल की बेहतरीन ग़ज़लें’: एक नायाब संकलन – के.पी.अनमोल
इक्कीसवीं सदी के इक्कीसवें साल की बेहतरीन ग़ज़लें’: एक नायाब संकलन …
इक्कीसवीं सदी के इक्कीसवें साल की बेहतरीन ग़ज़लें’: एक नायाब संकलन …
लघुकथाओं को अलग ढंग से परिभाषित करते हैं रमेश बत्तरा …
‘ग़ज़ल एकादश’ की ग़ज़लें आम आदमी के करीब …
समय की आवाज़ का प्रतिबिंब ‘अभी दीवार गिरने दो’ …
खिड़की सिखाती हैं मुझे अंदर रहते हुए कैसे देखा जाता है बाहर – चित्तरंजन प्रगतिशील चेतना को समर्पित यह कविता एक बेचैन मनोभाव की…
पंकज सुबीर की कहानियां जीवन का आईना :: अशोक प्रियदर्शी सचमुच। पंकज सुबीर की दस कहानियों का ताजा संकलन ‘हमेशा देर कर देता हूँ मैं’ मुझे मिला, तो एक-दो…
वक़्त के नब्ज को पकडती हुई कविताओं का संग्रह ‘बोलो न दरवेश’ स्मिता सिन्हा हमारे समय की गंभीर कवियत्री हैं। वे सामान्य जीवन में हँसती -खिलखिलाती मोरनी- सी जान पड़ती…
डॉ वशिष्ठ अनूप की कविताएं संघर्ष-प्रतिरोध की आवाज : ओम धीरज कविता अपने आरम्भिक काल से ही श्रुति के पंखों पर सवार होकर यात्रा करती रही है । छन्द मुक्त…
जिंदगी की खूबसूरती को अभिव्यक्त करने वाले ग़ज़लकार हस्तीमल हस्ती – भागीनाथ वाकले आदरणीय हरेराम समीप जी द्वारा सद्य संपादित ‘हस्तीमल हस्ती: चुनिंदा अशआर’ समन्वय प्रकाशन गाज़ियाबाद से प्रकाशित यह…
सवालों से टकराती गज़लें स्वप्निल श्रीवास्तव हिन्दी के कतिपय कवि – लेखक अक्सर न लिखने के कारण ढ़ूंढ़ते रहते हैं । कभी मौसम ठीक नही है – या स्थिति…