लोकजीवन की सहजता का काव्य-शिल्प : सुशील कुमार
लोकजीवन की सहजता का काव्य-शिल्प सुशील कुमार ‘सपनों को मरने मत देना’ युवा कवयित्री (डॉ) भावना का काव्य-संग्रह है। भावना बिहार (मुज्जफरपुर) की हैं और आर. एस. एस. कॉलेज में…
लोकजीवन की सहजता का काव्य-शिल्प सुशील कुमार ‘सपनों को मरने मत देना’ युवा कवयित्री (डॉ) भावना का काव्य-संग्रह है। भावना बिहार (मुज्जफरपुर) की हैं और आर. एस. एस. कॉलेज में…
प्रतिरोध का संसार बुनती ग़ज़लों का गुलदस्ता है – यह नदी खामोश है – डॉ़ भावना यह नदी खामोश है सुपरिचित गज़लकार हरे राम समीप का सद्य प्रकाशित ग़ज़ल-संग्रह है,जो…
ग़ज़ल के वजूद का दस्तावेजः चुप्पियों के बीच डॉ पंकज कर्ण डॉ भावना संवेदनशील और विवेक संपन्न ग़ज़लकार हैं। अपनी रचनात्मक मान्यताओं और सिद्धांतों पर वे पूरी मजबूती के साथ…
मौन को शब्द देने की संवदेशीलता मौत का जिंदगीनामा मनीष शुक्ला कहते हैं कि स्त्री, संवेदनशीलता का ईश्वर द्वारा दिया गया सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है। और उस पर यदि वह रचनाकार…
कला में चिंतन का दृष्टि बोध डा.अफ़रोज़ आलम एक बुकलेट के रूप में अपने सुंदर कलेवर में आकर्षित करती है ये छोटी सी पुस्तक। इसके अंदर की सामग्री में…
मानव मन के गहरे अँधरे कोनों की पड़ताल करता उपन्यास – दृश्य से अदृश्य का सफ़र पंकज सुबीर हिन्दी कथा संसार का दायरा वैसे तो दिनों-दिन विस्तृत होता जा…
विजय कुमार स्वर्णकार की ग़ज़लों में जीवन के विविध रूपों की अभिव्यक्ति हुई है …
जीवन के सभी रसों और रंगों में भीगी कविताएँ सुधा ओम ढींगरा रेखा भाटिया का नया काव्य संग्रह ‘सरहदों के पार दरख़्तों के साये में’ मिला। एक ही बैठक में…
अपनी राह स्वयं बनाता : रथ के धूल भरे पाँव नीरज नीर प्रांजल भाषा और शब्दज्ञान के धनी अजित राय की कविताओं से गुजरते हुए यह निःसंदेह ज्ञात होता है…
जन सरोकारों से लबरेज़ ग़ज़लों का गुलदस्ता :: डॉ भावना “प्यास ही प्यास” बी आर विप्लवी का सद्य प्रकाशित ग़ज़ल संग्रह है, जो विप्लवी प्रकाशन, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश से छप…