एक उपन्यास जिसे पढ़ना ही चाहिए : डॉ. दुर्गाप्रसाद अग्रवाल

पुस्तक-समीक्षा ……………………………………………. एक उपन्यास जिसे आपको पढ़ना ही चाहिए डॉ. दुर्गाप्रसाद अग्रवाल अपने दो ही तो शौक़ हैं – पढ़ना और (संगीत ) सुनना. खूब मोटी-मोटी किताबें भी पढ़ी हैं.…

समीक्षा :: ‘तस्वीर लिख रहा हूँ “

पुस्तक – समीक्षा सामाजिक तस्वीरों की ग़ज़लों के ‘ऋषि’ –डॉ. किशन तिवारी   पुस्तक – ‘तस्वीर लिख रहा हूँ’ (ग़ज़ल-संग्रह) कवि   – ऋषिपाल धीमान ‘ऋषि’ प्रकाशक- बोधि प्रकाशन, जयपुर पृष्ठ  …

समीक्षा :: ऑंगन का शजर

  स्त्री-जीवन और समकालीन यथार्थ को अभिव्यक्ति देती ग़ज़लें ‌‌                      -कमलेश भट्ट कमल कवयित्री ममता किरण मूलत: और मन से ग़ज़लकार ही हैं जैसा कि 75 ग़ज़लों के इस सद्य:…

पुस्तक समीक्षा :: ‘देखा है उन्हें’ की

समय की नब्ज़ को टटोलती कविताओं का नायाब गुलदस्ता ‘देखा है उन्हें’  डॉ भावना ‘देखा है उन्हें’ रविंद्र उपाध्याय जी का सद्य  प्रकाशित कविता- संग्रह है,जो अभिधा  प्रकाशन,  मुजफ्फरपुर से…

समीक्षा :: आलोचना का विपक्ष

साहित्य के पक्ष की बात करता है “आलोचना का विपक्ष” नीरज नीर आलोचना मनुष्य की स्वाभाविक वृति है पर यह आलोचना जब किसी सम्यक विचारवान व्यक्ति के द्वारा की जाये…

है सूरज छिपा कहाँ पर – मुकेश कुमार सिन्हा

गांव और प्रकृति की संवेदनशील कवयित्री गरिमा सक्सेना – मुकेश कुमार सिन्हा आलोचकों की हमेशा शिकायत रहती है कि नई पीढ़ी साहित्य का बँटाधार कर रही है। नई पीढ़ी जो…

समीक्षा : मधुकर वनमाली

नई समीक्षा : ईदगाह (मुंशी प्रेमचंद) – मधुकर वनमाली सत्यम‌ शिवम‌ सुंदरम ईदगाह, हिन्दुस्तान की कहानी है।वह हिन्दुस्तान जिसकी तहजीब आज खो गई है।वही तहजीब जो बड़ों को इज्जत और…

पुस्तक समीक्षा : वो पता ढूंढें हमारा (ग़ज़ल संग्रह) – जीवन सिंह

मुसीबत में ईमान की रक्षा करने वाली ग़ज़लें – जीवन सिंह जब से दुष्यंत कुमार ने ग़ज़ल को उसकी अपनी पारंपरिक चौहद्दियों से बाहर निकालकर उसे जिन्दगी के बड़े और…

पुस्तक समीक्षा :: शहंशाह आलम

आग की छाती पर पैर रखकर –  शहंशाह आलम रंजीता सिंह ‘फ़लक’ की कविताओं का संग्रह ‘प्रेम में पड़े रहना’ ऐसे वक़्त में छपकर आया है, जब दुनिया भर में…