विशिष्ट गीतकार : पूर्णिमा वर्मन
अमलतास डालों से लटके आँखों में अटके इस घर के आसपास गुच्छों में अमलतास झरते हैं अधरों से जैसे मिठबतियाँ हिलते है डालों में डाले गलबहियाँ बिखरे हैं– आँचल से…
अमलतास डालों से लटके आँखों में अटके इस घर के आसपास गुच्छों में अमलतास झरते हैं अधरों से जैसे मिठबतियाँ हिलते है डालों में डाले गलबहियाँ बिखरे हैं– आँचल से…
समकालीन महिला गजलकार : एक महत्वपूर्ण कृति – जयप्रकाश मिश्र ख्यातिप्राप्त लेखक एवं चर्चित दोहाकार हरेराम “समीप” के संपादकत्व में छपी पुस्तक “समकालीन महिला गजलकार” साहित्य जगत में एक महत्त्वपूर्ण…
स्त्रियाँ कहीं से आएँ स्त्रियाँ कहीं से आएँ कहीं भी जाएँ तनाव, खीझ, झुँझलाहट की परत चिकने , महीन फेस पाउडर की तरह फैली होती है उनके चेहरे पर अॉटो…
एक मिशन के आधार स्तंभ स्वामी सत्यानंद सरस्वती – कुमार कृष्णन स्वामी शिवानंद ने कहा था कि—’ प्राय: सभी महान उपलव्ध्यिों के सुंदर और आकर्षक पक्ष ही हमें दिखाई देते…
मैं,रेजा और पच्चीस जून यह उम्र ही ऐसी होती है। सब कुछ अच्छा लगता है। सुंदरता और शोख रंग तो खींचते ही हैं। पर जो हट कर है, वह और…
सफेद झूठ तस्वीर के इस तरफ खड़ी मैं बताती रही उसे कि यह बिल्कुल साफ और सफेद है तस्वीर के उस तरफ खड़ा वह मानने से करता रहा इंकार कहता…
बातों में बात बातों में उनकी बात करे रातों में उनके साथ जरे माटी के नन्हे दीपक से उजियारे की सौगात वरे गूंथे कविता की चोटी में आशा की…
1 कभी क़ुहरा कभी बादल खुले मौसम अगर तो धूप आये आंगने में ।भँवर से कश्तियाँ बाहर कोई कैसे निकाले लहर बैठी हुई है मोर्चे अपने संभाले। जहाँ हों पुल …
9 दिसंबर जन्म दिवस पर विशेष – राजेश कुमार शर्मा पुरोहित दूसरा सप्तक के कवियों में प्रमुख नाम रघुवीर सहाय का आता है। हिंदी के विलक्षण कवि,लेखक,पत्रकार,संपादक,अनुवादक,कथाकार,आलोचक।रघुवीर सहाय का जन्म…
माटी के कलाकार हकु शाह जिनकी उपलब्धियों का फैलाव बहुत होता है। कोई भी उनके व्यक्तित्व और उनकी कृतियों को विस्तार में बह सकता है। लेकिन उन्हें नाप नहीं सकता…