आलेख : संतोष सारंग

हिंदी उपन्यासों में ग्रामीण जन-जीवन का चित्रण  – संतोष सारंग   उत्तर आधुनिकता का लबादा ओढ़े आज का आम आदमी नगरीय तौर-तरीके अपनाने को आकुल है। ग्राम्य जीवन में भी…

एक मिशन के आधार स्तंभ स्वामी सत्यानंद सरस्वती : कुमार कृष्णन

एक मिशन के आधार स्तंभ  स्वामी सत्यानंद सरस्वती – कुमार कृष्णन स्वामी शिवानंद ने कहा था कि—’ प्राय: सभी महान उपलव्ध्यिों के सुंदर और आकर्षक पक्ष ही हमें दिखाई देते…

हिंदी साहित्य के विलक्षण कवि : कवि रघुवीर सहाय

9 दिसंबर जन्म दिवस पर विशेष – राजेश कुमार शर्मा पुरोहित दूसरा सप्तक के कवियों में प्रमुख नाम रघुवीर सहाय का आता है। हिंदी के विलक्षण कवि,लेखक,पत्रकार,संपादक,अनुवादक,कथाकार,आलोचक।रघुवीर सहाय का जन्म…

आलेख : प्रसून लतांत

माटी के कलाकार हकु शाह जिनकी उपलब्धियों का फैलाव बहुत होता है। कोई भी उनके व्यक्तित्व और उनकी कृतियों को विस्तार में बह सकता है। लेकिन उन्हें नाप नहीं सकता…

आलेख : लक्ष्मण प्रसाद गुप्ता

देखिए, अब जिंदगी की तर्जुमानी है ग़ज़ल –  लक्ष्मण प्रसाद गुप्ता ‘‘ग़ज़ल कभी भी देशों या मज़हबों की सरहदों में कै़द नहीं हो पाई। इसे ज़बरदस्ती रूहानी या आध्यात्मिक लिबास…

आलेख

अंधेरे का इन्द्रधनुष : मुक्तिबोध की कविता – संजीव जैन मुक्तिबोध को पढ़ना जैसे अंधेरे में लालटेन के सहारे अकेले बियावान जंगल से गुजरने की प्रक्रिया में पहाड़ों और बावडियों…

आलेख

शरद कोकास के शीघ्र प्रकाश्य पुस्तक मस्तिष्क की सत्ता की पांच कड़ियां हम पैदा ही नहीं  होते तो क्या होता ? ज़रा सोचकर देखिये अगर आप पैदा ही नहीं होते…

हिन्दी भाषा के प्रबल पक्षधर महात्मा गांधी – कुमार कृष्णन

महात्मा गांधी के सपनों के भारत में एक सपना राष्ट्रभाषा के रूप में हिंदी को प्रतिष्ठित करने का भी था. उन्होंने कहा था कि राष्ट्रभाषा के बिना कोई भी राष्ट्र…