ख़ास कलम :: डॉ कृष्ण कन्हैया

शून्य

एक दिन, तुमने कहा था-

मैं शून्य हूँ- तुम अंक हो

गणित की भाषा में –

एक पिछड़ा प्रसंग हो

 

संख्या के चक़्क़र में

ऐसा उलझा कि-

ज़िंदगी का पहाड़ा भूल बैठा

और बेख़्याली में

अपनी शिक़स्त क़बूल बैठा

 

पर इस बात ने मुझे

ग़फलत से निकाला

जब तुम्हारी इकाई पर

मैंने अपना शून्य डाला

 

तब मैंने पाया कि

मेरा वज़ूद बड़ा होता है

जब मेरा शून्य तेरी बाज़ू में

अपने पैरों पर खड़ा होता है!

 

गणित के मापदण्ड पर

शून्यता के बावजूद भी

तुम्हारे “एक” के अंक के सामने

कहीं बड़ा होता है!

कहीं बड़ा होता है!

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परिचय : डॉ. कृष्ण कन्हैया इंग्लैंड में सर्जन हैं. इनकी कविताओं ओर मुक्तक का कई संकलन प्रकाशित हो चुका है.

सम्प्रति : General Practioner with Special Interest

Waterfront Surgery, Brierley Hill, Dudley

DY5 1RU, West Midlands  England UK

सम्पर्क : 182 Oakham Road Tividale Oldbury

West Midlands England UK B69 1PY

ई-मेल : kanhaiyakrishna@hotmail.com

मोबाइल: +447803598165

 

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