हस्तीमल हस्ती की ग़ज़लें प्रगतिशील जीवन मूल्यों का दर्पण : अनिरुद्ध सिन्हा

हस्तीमल हस्ती की ग़ज़लें प्रगतिशील जीवन मूल्यों का दर्पण : अनिरुद्ध सिन्हा सामान्य धारणा है कि हस्तीमल हस्ती ग़ज़ल-विधा पर विचार करनेवाले ग़ज़लकार हैं। इनकी...

विशिष्ट ग़ज़लकार : अशोक मिजाज

1 मोहब्बत की वो शिद्दत आज भी महसूस होती है, पुरानी चोट है लेकिन नई महसूस होती है। मेरी आँखों में तू ,ख़्वाबों में तू,साँसों...

विशिष्ट ग़ज़लकार : सृजन गोरखपुरी

1 ख़ुशी के एक क़तरे को तरसती ज़िन्दगी है चले आओ, तुम्हीं में दो जहानों की ख़ुशी है सभी चीज़ें बहुत महफ़ूज़, हासिल, तयशुदा हैं...

विशिष्ट ग़ज़लकार : आलोक श्रीवास्तव

हमन है इश्क़ मस्ताना, हमन को होशियारी क्या, गुज़ारी होशियारी से, जवानी फिर गुज़ारी क्या धुएँ की उम्र कितनी है, घुमड़ना और खो जाना, यही...