बिहारी बोलियों की लोक – कथाओं का अध्ययन :: डाॅ शान्ति कुमारी

बिहारी बोलियों की लोक – कथाओं का अध्ययन – डाॅ शान्ति कुमारी डॉ. ग्रियर्सन ने भोजपुरी और मैथिली का अध्ययन बिहारी भाषा के अंतर्गत किया था । डॉ ० ग्रियर्सन…

विशिष्ट गीतकार :: गरिमा सक्सेना

1. फूल-फलों की चाहत वाली इस दुनिया में हम पत्ते हैं हमें कौन पूछेगा साहब   रंग-बिरंगे फूलों जैसा हमने भी पाया है इक मन लेकिन नहीं भाग्य में जैसे…

पुस्तक समीक्षा :: डॉ.जियाउर रहमान जाफरी

मधुरता और मिठास के साथ मुद्दों पर लिखा गया गीत जहाँ नहीं उजियार योगेंद्र प्रताप मौर्य लिखित नवगीत का नया संग्रह है. इससे पहले नवगीत की एक तथा बाल कविताओं…

दूर की कौड़ी :: सुरेश सौरभ

दूर की कौड़ी सुरेश सौरभ ठाकुर दीनानाथ बड़े कृपालु स्वभाव वाले आदमी थे। उनके दरवाजे कोई भी याचक पहुंचता, तो कुछ न कुछ जरुर उसे देकर सान्त्वना देते। किसी को…

पावन तट पर आस्था और विसंगति का द्वंद्व :: देवेंद्रराज सुथार

पावन तट पर आस्था और विसंगति का द्वंद्व देवेन्द्रराज सुथार   सुरेश सौरभ द्वारा संपादित ‘पावन तट पर’ साझा लघुकथा संग्रह आस्था और अंधविश्वास के मध्य विद्यमान सूक्ष्म विभाजक रेखा…

विशिष्ट ग़ज़लकार :: अनामिका सिंह

अनामिका सिंह की दस ग़ज़लें (1) बदनाम जो गली वहाँ जाते भले हैं लोग सुनकर दबाते उँगलियाँ दाँतों तले हैं लोग इक शख़्सियत महज़ जिन्हें है देह भर हुई, किरचें…

साये में धूप’ के पचास साल और दुष्यंत कुमार की ग़ज़लधर्मिता : डॉ.अविनाश भारती

साये में धूप’ के पचास साल और दुष्यंत कुमार की ग़ज़लधर्मिता डॉ. अविनाश भारती दुष्यंत कुमार की कालजयी कृति ‘साये  में धूप’ के प्रकाशन के पचास वर्ष पूरे हो चुके…