कैट फिश

  • प्रशांत करण 

पहले तो यह साफ कर दूं कि मांसाहारी भोजन से मेरा लेना देना नहीं है। आजकल फेसबुक और यू ट्यूब पर कैटफिश पकड़ने के नए नए तरीके दिखाए जा रहे हैं।इस लेख की प्रेरणा मुझे वहीं से  मिली।कैट फिश पकड़ना बड़ा ही रोचक प्रसंग होता है। पर समझने वाली यह बात है कि यह मछली बहुत फिसलन भरी होती है। जमीन के नीचे मिट्टी में धंसी पाई जाती है। वीडियो में बहुत सारे कैटफिश एक साथ पकड़ते दिखाए जाते हैं पर बनाते हुए सिर्फ एक ही दिखाते हैं।बाकी कहाँ गए पता नहीं चलता।

 

खबरीलाल का दावा है कि हमारे देश में कैटफिश पकड़ने का खेल कई अलग- अलग  सन्दर्भ में खेला और दिखाया जाता है। बड़े से बड़े अपराधी अपना काम कर जमीन के नीचे कैटफिश हो जाते हैं। थानेदार कई को हाथ लम्बे कर पकड़ लेता है।फिर किसी एक दुबले हल्के को पकाना दिखाते हैं।बाकी एवजी देकर फिर से जमीन के अंदर ऐश करने लगते हैं।चुनाव में चेकिंग में भारी भरकम राशि पकड़ी जाती है और थोड़ी ही राशि कागजों में दिखा दी जाती है।बाकी वही कैटफिश! आयकर छापे में भी कैटफिश पकड़ने का खेल दिखाया जाता है। वेश्यावृत्ति करते बहुत सी युवतियां और युवक पकड़े जाते हैं।जो कैटफिश होते हैं वे पिछलकर भाग जाते हैं। कानून वाली हथेलियों में ग्लिसरीन जो लग जाते हैं। पुराने जमाने में सेंधमार पूरे बदन में सरसों का तेल मल कर सेंधमारी में जाता। इसमें बहुत तेल खर्च होता। इसे बचाने के लिए कालांतर में थोड़ा सा तेल कानून की हथेलियों में वे लगाने लगे।वही कैटफिश का खेल !

 

मास्टर रामदीन बताते हैं कि मैट्रिक की परीक्षा में नकल करते बहुत सारे छात्र पकड़े गए।उनके अविभावकों को आनन फानन में गोपनीय रूप से बुलाया गया। तय होते ही सारे कैटफिश पिछल कर निकल गए। पैसा और कैटफिश हथेलियों में  बहुत फिसलन पैदा करती है। यही हालत दंगे और भूमि विवाद मामलों में देखा जाता है। बैंक से कर्ज लेने वाली बड़ी बड़ी कैटफिश इतनी ताकत लगाकर  पिछलती है कि कई बार देश की सीमा भी पार कर लेते हैं।मरियल कर्जदार आत्महत्या कर निबट लेता है। छापे में घुस लेते छोटी कैटफिश पकड़ी जाती है।बड़ी कैटफिश में फिसलन भी ज्यादा जो होती है।जितनी बड़ी,उतनी फिसलन,उतने की जमीन के अंदर।मामले की किसी को जानकारी तक नहीं हो पाती। पकड़ी भी गयी और फिसल भी गयी!

 

हिंदी साहित्य में एक समय कैटफिश पाले जाते थे। लोगों को निषिद्ध करने के लिए किनारे लाल झंडे का खतरा भी दिखाया जाता। पुरस्कार/सम्मान देने के समय खूब बारिश होती। सुजान कैटफिश बाहर आकर एवार्ड लेकर फिसलकर निकल जातीं।इससे उनके साहित्य की गुणवत्ता की कोई सूचना भी नहीं मिलती। यही स्थिति छोटे- बड़े कई साहित्यिक मंचों की हो चली है।

कैटफिश पकड़ने का पूरा खेल बड़ा विशाल और रोचक जो हैं।हरि अनन्त : हरि कथा अनन्ता

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परिचय : प्रशांत करण व्यंग्य पुस्तक प्रकाशित हो चुकी है. ये साहित्य की विभिन्न विधाओं में निरंतर लिख रहे हैं.

 

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