पुस्तक समीक्षा : अरविंद भट्ट

पुस्तक समीक्षा :: वह सांप सीढ़ी नहीं खेलता कविता लेखन एक साधना है. यह शब्दों का ताना-बाना भर ही नहीं होता. भावनाओं को व्यक्त करने के लिए शब्दों को साधना…

सर्दी, गर्मी और बारिश में भीगता हुआ शायर : भावना

सर्दी, गर्मी और बारिश में भीगता हुआ शायर लेखन की कोई अवस्था नहीं होती, लेकिन लेखन का संयोग अवश्य होता है। वह संयोग जो अकस्मात् ही  दरवाजे पर आकर भावनाओं…

विशिष्ट कहानीकार : अवधेश प्रीत

कजरी – अवधेश प्रीत कजरी की हालत अब देखी नहीं जा रही। रात जैसे-जैसे गहराती जा रही है फजलू मियां की तबीयत डूबती जा रही है। वह इस बीच कभी…

विशिष्ट कवयित्री : कल्पना मनोरमा

अग्निफूल सूरज के अनुभव में चाँद छोटा चाँद के अनुभव में तारा छोटा तारे के अनुभव में जुगनू छोटा और जुगनू भी समझता है छोटा दीपक को लेकिन ज्यादा नहीं…

खास कलम : गरिमा सक्सेना

रक्षाबंधन बहन-भ्रात के प्यार का, यह अनुपम त्योहार। रक्षाबंधन जोड़ता, दिल से दिल का तार।। कच्चा धागा प्रेम का, बाँध भ्रात के हाथ। माँगे भगिनी भ्रात से, जन्म-जन्म का साथ।।…

विशिष्ट ग़ज़लकार : कुँअर बेचैन

1 मिल न पाए जब ज़मीं पर, तो उड़ानों में मिले बन के बादल दोस्त हम कितने ज़मानों में मिले अपनी क्या औक़ात जब बिकने लगेभगवान भी उनके बुत मंदिर…

खास कलम : त्रिलोक सिंह ठकुरेला

कुण्डलियां जिनकी कृपा कटाक्ष से, प्रज्ञा, बुद्धि, विचार। शब्द, गीत, संगीत, स्वर, विद्या का अधिकार॥ विद्या का अधिकार, ज्ञान, विज्ञानं, प्रेम-रस। हर्ष, मान, सम्मान, सम्पदा जग की सरबस। ‘ठकुरेला’ समृद्धि,…