चतुर्थ संस्करण

रंगमंच

 नाटक – क्रमिक विकास, प्रयोग और प्रयोजन – वंदना शुक्ल – मार्क्स का अत्यंत प्रसिद्ध कथन है कि अभी तक…

आलेख

शरद कोकास के शीघ्र प्रकाश्य पुस्तक मस्तिष्क की सत्ता की पांच कड़ियां हम पैदा ही नहीं  होते तो क्या होता…