पुस्तक समीक्षा :: डॉ.जियाउर रहमान जाफरी

मधुरता और मिठास के साथ मुद्दों पर लिखा गया गीत जहाँ नहीं उजियार योगेंद्र प्रताप मौर्य लिखित नवगीत का नया संग्रह है. इससे पहले नवगीत की एक तथा बाल कविताओं…

पावन तट पर आस्था और विसंगति का द्वंद्व :: देवेंद्रराज सुथार

पावन तट पर आस्था और विसंगति का द्वंद्व देवेन्द्रराज सुथार   सुरेश सौरभ द्वारा संपादित ‘पावन तट पर’ साझा लघुकथा संग्रह आस्था और अंधविश्वास के मध्य विद्यमान सूक्ष्म विभाजक रेखा…

स्त्री विमर्श को नयी दिशा देता है बज्जिका उपन्यास ‘लाडो’ : हरिनारायण सिंह ‘हरि’ 

स्त्री विमर्श को नयी दिशा देता है बज्जिका उपन्यास ‘लाडो’ – हरिनारायण सिंह ‘हरि’          हिन्दी की प्रमुख महिला गजलकारा डाॅ भावना की मातृभाषा बज्जिका है और…

मानवीय संवेदनाओं का जीवंत दस्तावेज ‘मिट्टी कटी किनारों की’ : उदय शंकर सिंह ‘उदय’

मानवीय संवेदनाओं का जीवंत दस्तावेज ‘मिट्टी कटी किनारों की’ –  उदय शंकर सिंह ‘उदय’ आज तड़के ही जग गया! वैसे सुबह  की नींद बड़ी  प्यारी होती है। यही वह वक्त …

‘अपने हिस्से का ख़्वाब’: अविनाश बंधु की ग़ज़ल यात्रा – डॉ.भावना

‘अपने हिस्से का ख़्वाब’: अविनाश बंधु की ग़ज़ल यात्रा – डॉ.भावना  ‘अपने हिस्से का ख़्वाब’ अविनाश बंधु का ताज़ा ग़ज़ल संग्रह है. इस संग्रह में कुल 101 ग़ज़लें हैं, जो…

पुस्तक समीक्षा :: आईने से पूछो

सच को आईना दिखा रहा ‘आईने से पूछो’ सुदेश कुमार मेहर ग़ज़ल का सौंदर्य उसके शिल्प में निहित है। ग़ज़ल की विशेषता ही यह है कि उसका सौन्दर्य उसके शिल्प…

अब मैं बोलूँगी : एक खरी और ज़रूरी किताब :: शैली बक्षी खड़कोतकर

अब मैं बोलूँगी : एक खरी और ज़रूरी किताब  शैली बक्षी खड़कोतकर स्मृति आदित्य, मीडिया और साहित्य का सुपरिचित नाम, जब कहती हैं ‘अब मैं बोलूँगी’ तो सुनने वालों को सजग, सतर्क होकर सुनना होगा।…

गहन भावपूर्ण कृति : घरों को ढोते लोग – रमाकांत चौधरी

गहन भावपूर्ण कृति : घरों को ढोते लोग  -रमाकांत चौधरी जहाँ एक ओर सब कुछ मोबाइल पर सर्च करने की आदत ने पुस्तकों की ओर से लोगों को उदासीन कर…

सभी वर्गों के जीवन का लेखा-जोखा करतीं लघुकथाएं :: सुधा जुगरान

सभी वर्गों के जीवन का लेखा-जोखा करतीं लघुकथाएं सुधा जुगरान लंबी कथाओं को पढ़ने के आदी पाठकों के सामने जब लघुकथाओं की पुस्तक हाथ में आती है, तो गद्य की…