खास कलम :: डॉ पंकज कर्ण की ग़ज़लें
1 बहुत बारीकियों से तोलता है खरा सिक्का कभी जब बोलता है नसीहत है के उससे बच के रहिए जो कानों में ज़हर को घोलता है किसी के वश में…
1 बहुत बारीकियों से तोलता है खरा सिक्का कभी जब बोलता है नसीहत है के उससे बच के रहिए जो कानों में ज़हर को घोलता है किसी के वश में…
1 ये है मेरा ये है तेरा को किनारा रखना मेरा भारत तो हमारा था हमारा रखना कहा इकबाल ने सारे जहाँ से अच्छा था हमारे देश को वैसा ही…
खुद कलामी मेरे रूखसार पे जो हल्की हल्की झुर्रियां आ गई हैं यकिनन उस को भी आ गई होंगी जिंंदगी के सफ़र मे उमर के जिस ढलान पर मैं खडा…
मेरे मन में कौंधते हैं मेरे मन में कौंधते हैं कुछ सवाल कि लोग क्या सोचते हैं? मेरे बारे में! मुझसे क्या अपेक्षाएं क्या आशाएं हैं उनको क्यों समझ नहीं…
श्रद्धांजलि :: अमन चांदपुरी / अमन के नाम ग़ज़ल :: के.पी.अनमोल कैसा ग़ज़ब है उसने किया राम राम राम आते ही कह दिया है ‘विदा’ राम राम राम अच्छा नहीं…
श्रद्धांजलि :: अमन चांदपुरी / एक भाई का चले जाना :: गरिमा सक्सेना अमन चाँदपुरी २०-२१ साल का एक लड़का, कोई नहीं सोचता होगा कि लेखन में इस उम्र में…
श्रद्धांजलि :: अमन चांदपुरी / दोहे :: हरिनारायण सिंह हरि अमन शांति की खोज में, गया स्वर्ग के द्वार । यहाँ निरंतर रो रही, कविता जार-बेजार । ऐसे निष्ठुर क्यों बने,…
श्रद्धांजलि :: अमन चांदपुरी/ यादें :: सतरूपा अभी 23 सितम्बर को युवा कवि अमन चांदपुरी पुस्तकमेला परिसर के मंच पर #गीतिका सौरभ सम्मान से सम्मानित हुए थे। असमय लगातार बारिश…
श्रद्धांजलि :: अमन चांदपुरी / यादें जो शेष रह गईं :: स्मिता श्री हम भावनाओं के अधीन बहुत कुछ करना चाहते हैं। अपनी तरफ से, सही है। पर क्या पता…
श्रद्धांजलि :: अमन चांदपुरी/ ग़ज़ल :: अवधेश प्रसाद सिंह कौन कहता आदमी को काल कोई खा रहा ले गया जो कल अमन को क्या किसी को भा रहा कर रहा…