विशिष्ट कवयित्री : डॉ भावना
यह जरूरी नहीं जानना यह जरूरी नहीं जानना कि मोर की तड़प को महसूस उमड़ता है बादल या बादल को उमड़ते देख नाचता है मोर यह जरूरी नहीं जानना कि…
यह जरूरी नहीं जानना यह जरूरी नहीं जानना कि मोर की तड़प को महसूस उमड़ता है बादल या बादल को उमड़ते देख नाचता है मोर यह जरूरी नहीं जानना कि…
हँसी का सौंदर्य झरने की तरह कल-कल करती ध्वनि आसमान में चिड़ियों का कलरव फूलों पर मंडराते भौंरों का गुंजन या फिर अल्हड़ हवाओं की सनसनाहट सच कहूँ ऐसे ही…
मै उसे कहां ढूंढूं उसने मुझे पोस्टकार्ड पर लिखा सिर्फ मेरे पता के सिवाय कुछ नहीं पोस्टकार्ड पर लगी मुहर भी काफी धुंधली थी जिसे माइक्रो ग्लास से भी नहीं…
उसकी हँसी उजली- सी उसकी हँसी शब्दों की परिधि में जब समा न सकी नील गगन में चाँद बन गयी उसकी आँखों का खारापन धरती न सोख सकी विशाल सागर…
दोहे तुम्हें देख विस्मित रहे, हर पूनम का चाँद । चाहे जितना रोक लो, प्यार न माने बाँध।। प्यार तुम्हारा यों लगे,ज्यों फूलों की गंध। कोयल बैठी बाग में, पढ़े…
आहट मैंने चाँद पर पाँव रखा फिर बादल पर फिर दरिया पर फिर हवा पर फिर पत्तों पर सब जगह एक आहट थी जो मेरे साथ थी और वह आहट…
तुम मुझे मिली तुम मुझे मिली मैं सरेराह ठिठक गया तुमने मुझे देखा मेरी आंखों में उग आया सतरंगा इंद्रधनुष तुम मुस्कुराई मेरे भीतर हरसिंगार झरे तुम मेरे पास आई…
प्रेम 1 तुमने कहा चाहता हूँ बेइन्तहा तुम्हे तुम्हारी खातिर सो नहीं पाता रातों को तुम्हारे सिर्फ तुम्हारे लिए जागता और बदलता हूँ करवटें सारी रात सुबह से शाम तक…
मत करना प्रेम तुम मुझे मत करना प्रेम सबके सामने कि लोग जान जाएँगे राज़ एक ठूँठ वृक्ष के हरे होने का तुम करना प्रेम अपने आँगन में बैठी गोरैया…
हम_तुम को समर्पित तुम भाग्य बदलने आयी हो न जाने तुम कौन देश से पावन प्रकाश संग लायी हो महक उठा है जीवन मेरा सद्मित्रता की सौगात लायी हो। महक…