एक उपन्यास जिसे पढ़ना ही चाहिए : डॉ. दुर्गाप्रसाद अग्रवाल

पुस्तक-समीक्षा ……………………………………………. एक उपन्यास जिसे आपको पढ़ना ही चाहिए डॉ. दुर्गाप्रसाद अग्रवाल अपने दो ही तो शौक़ हैं – पढ़ना और (संगीत ) सुनना. खूब मोटी-मोटी किताबें भी पढ़ी हैं.…

खास कलम : मीना खान

नज़्म कान्हा। तुम्हारी याद में हूं बेकरार मैं, करती हूं लम्हा लम्हा फकत इंतज़ार मै।   कहकर गए थे आओगे तुम जल्द लौटकर, आकर करोगे ख़त्म ये तन्हाई का सफ़र।…

विशिष्ट गीतकार : दिनेश प्रभात

1 आप भी तो ओंठ से कुछ बोलियेगा चाँदनी बनकर  नयन में  डोलियेगा   सिर्फ़ मैं ही आपसे कहता रहा हूँ एक तट-सा टूटता ढहता रहा हूँ   पोटली  में…

विशिष्ट ग़ज़लकार : महेश कटारे सुगम

1 मुझमें इक दुःख भरा आदमी रहता है वर्षों से अधमरा आदमी रहता है   झुकता नहीं किसी भी ताकत के आगे ऐसा ही इक खरा आदमी रहता है  …

विशिष्ट कवयित्री : मालिनी गौतम

मालिनी गौतम …………………………………………………..  कहा-अनकहा कुछ आँसू अपने सर्वाधिक प्रिय व्यक्ति से भी छुपा लिए गये, निविड़ अंधकार के प्रगाढ़ क्षणों में अधरों पर फैली हल्की स्मित रेख के पीछे वे…

विशिष्ट ग़ज़लकार :: ममता किरण

“ग़म-ए-दुनिया से गर पाई भी फ़ुरसत सर उठाने की” तो फिर कोशिश करेँगे हम भी कुछ-कुछ मुस्कराने की। बशर के बीच पहले भेद करते हैं सियासतदाँ ज़रूरत फिर जताते हैं…

संपादकीय :: भावना

हमारा देश 15 अगस्त को अपना 74 वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है ।कोविड-19 की इस त्रासदी के बीच मनाया जा रहा यह स्वतंत्रता दिवस पहली बार सोशल डिसटेंसिंग, चेहरे…

साक्षात्कार :: अवधेश प्रीत

देशज” पत्रिका समूह के  मंच पर वरिष्ठ साहित्यकार व पत्रकार  *अवधेश प्रीत* जी से कुछ रोचक सवाल और उनके तथ्यपूर्ण जवाब : *प्रस्तुतकर्ता : अरुण शीतांश व कुमार विजय गुप्त*…

बच्चों का कोना : विकास की राह पर भारत 

विकास की राह पर भारत भारत एक विकासशील देश है।  इस वर्ष भारत ने अपनी स्वतंत्रता के 74 वें वर्ष में कदम रखा है।  लेकिन क्या यह वास्तव में स्वतंत्र…