जिगरी यार
मूल लेखक : लुइगी पिरांदेलो अनुवाद : सुशांत सुप्रिय गिगी मियर ने उस सुबह एक पुराना लबादा पहन रखा था ( जब आप चालीस से ऊपर के हों तो उत्तर…
मूल लेखक : लुइगी पिरांदेलो अनुवाद : सुशांत सुप्रिय गिगी मियर ने उस सुबह एक पुराना लबादा पहन रखा था ( जब आप चालीस से ऊपर के हों तो उत्तर…
सावन हे सखी सगरो सुहावन कहते हैं, समुद्र मंथन के बाद भगवान शिव -शंकर ने जब हलाहल का पान किया तो उनका पूरा शरीर विष के ताप से नीला हो…