विशिष्ट गीतकार :: दिनेश प्रभात

दिनेश प्रभात के चार गीत शर्माने में सूद आँगन जैसे युवा हो गया, देहरी हुई जवान फागुन  में  गूँगी  दीवारें,  देने  लगीं  बयान   मौसम ने कुछ गीत रचे हैं…

विशिष्ट गीतकार :: डॉ संजय पंकज

डॉ संजय पंकज के चार गीत गीत अधूरे तुम क्या जानो तुम्हें पता क्या तुम बिन कितने गीत अधूरे! वर्तमान के जस के तस ही अपने रहे अतीत अधूरे! खाली…

विशिष्ट गीतकार :: गरिमा सक्सेना

गरिमा सक्सेना के नारी विमर्श के पांच गीत 1 रिश्ता जीवन का पुनीत आधी आबादी ममता, त्याग, दुलार, मीत आधी आबादी   तुलसी, आँगन, घर की शोभा, बरतन-बासन पहली शिक्षा…

विशिष्ट गीतकार :: कुँअर उदय सिंह अनुज

फसलों-सा कट जाओ जैसे मुस्कातीं हैं सुबहें, वैसे तुम मुस्काओ। बहो हवा-सा रिश्तों में तुम, पेड़ों जैसा झूमों। पत्थर भी हों राहों में तो, लहरें बनकर चूमों। समय परोसे गर…

विशिष्ट गीतकार :: अनामिका सिंह

अनामिका सिंह के दस गीत शाम सबेरे शगुन मनाती  शाम सबेरे शगुन मनाती खुशियों की परछाई अम्मा की सुधि आई । बड़े सिदौसे उठी बुहारे कचरा कोने – कोने पलक…

हरिहर प्रसाद चौधरी ‘नूतन’ के पाँच गीत 

हरिहर प्रसाद चौधरी ‘नूतन’ के पाँच गीत  (कवि की पुण्यतिथि पर स्मरण)    विघटन की गहराइयाँ  छोटे-छोटे सुख के पौधे, ऐश्वयों की डालियाँ बौरायी हैं खट्टे-मीठे फलवाली अमराइयाँ । धोखे…

विशिष्ट गीतकार :: हीरालाल मिश्र मधुकर

विशिष्ट गीतकार- हीरालाल मिश्र मधुकर  उठो जवान उठो जवान! मातृभूमि को नया विधान दो। वसुन्धरा पुकारती प्रवीण प्राण दान दो। उठो किसान, बाल-वृंद, वृद्ध-नौजवां उठो, उठो कराल काल कालिका के…