संपादक की कलम से ( तीसरा संस्करण )

सावन हे सखी सगरो सुहावन कहते हैं, समुद्र मंथन के बाद भगवान शिव -शंकर ने जब हलाहल का पान किया तो उनका पूरा शरीर विष  के ताप से नीला हो…