ख़ास कलम :: आकांक्षा कुमारी

शरीर का अंत मृत्यु नहीं होती   बड़े अरमानों को लेकर घरों को छोड़ आयें सीखने मौत को यमराज से छीन लेने की कलाएँ धरती का भगवान सुनती रही हूँ…