लघुकथा :: डॉ. सुमन मेहरोत्रा

हमारा राष्ट्रीय ध्वज               – डॉ सुमन मेहरोत्रा कल स्कूल में झंडा फहराया जायेगा. सभी बच्चों को एक झंडा और फूल लेकर जाना था.…

विशिष्ट ग़ज़लकार :: के.पी.अनमोल

के.पी. अनमोल की दो ग़ज़लें 1 है दिल से ये निकलती सदा वन्दे मातरम मेरे वतन, तू मेरी वफ़ा वन्दे मातरम नापाक हौसलों से कहो ख़ैर अब करें अब हमने…

विशिष्ट कवयित्री :: लता सिन्हा ज्योतिर्मय

क़लम के सिपाही               – लता सिन्हा ज्योतिर्मय बड़ी थी ललक, करुँ देश की सेवा निरंतर हो लग्न एक सैन्य पुत्री हो के भी…

विशिष्ट गीतकार :: वशिष्ठ अनूप

वशिष्ठ अनूप के दो गीत   हमारा वतन जाति-धर्मों में इसको न बाँटे कोई प्रेम की पाठशाला हमारा वतन । इसके जैसा नहीं है कोई दूसरा सारे जग से निराला…