समकालीन हिन्दी ग़ज़ल में युवा ग़ज़लकारों का हस्तक्षेप :: डॉ भावना
समकालीन हिन्दी ग़ज़ल में युवा ग़ज़लकारों का हस्तक्षेप डॉ.भावना हमारा देश युवाओं का देश है। हर पीढ़ी के पास अपनी सोच और विचार होते हैं, जो समाज के विकास में…
समकालीन हिन्दी ग़ज़ल में युवा ग़ज़लकारों का हस्तक्षेप डॉ.भावना हमारा देश युवाओं का देश है। हर पीढ़ी के पास अपनी सोच और विचार होते हैं, जो समाज के विकास में…
गर्म हवा ’ के थपेड़े सहती सत्तर के दशक की युवा पीढ़ी …
अगले जनम फिर आना : सिद्धिनाथ स्मृति – सतीश नूतन 1982 में गाँव की गझिन गाछ, बरैला ताल पर उड़ते प्रवासी पक्षियों के कलरव, झाल-करताल-हरिकीर्तन के स्वर और दादी के…
हिंदी ग़ज़ल का नया लिबास – डॉ.जियाउर रहमान जाफरी हिंदी कविता की विविध विधाओं में ग़ज़ल सबसे…
दुष्यंत पूर्व हिन्दी ग़ज़लकार : ज्ञानप्रकाश पाण्डेय कोई भी घटना अकस्मात नहीं घटती, उसके नेपथ्य में कोई-न-कोई प्रक्रिया बहुत पहले से चल रही होती है। ग़ज़ल का हिन्दी में आगमन…
लोक,समाज और विचारधारा की त्रिवेणी थे बेनीपुरी …
रामवृक्ष बेनीपुरी की जीवन दास्तान – मंहथ राजीव रंजन दास छात्र जीवन मे ही महात्मा…
आत्मकथा और आत्मछलना के विभिन्न रूप : राजेन्द्र यादव – बातचीत : रूप सिंह चंदेल दलित और नारी विमर्श आज साहित्य और वैचारिक विमर्श की मुख्यधारा बन गया है…
ग़रीबी देशकाल के अनुसार अपनी परिभाषा बदलती है शरद कोकास गाँधी विद्यालय भंडारा में मिडिल स्कूल में श्री घड़ोले हमें अंग्रेज़ी पढ़ाते थे ৷ एक दिन घड़ोले सर के…
होमी जहांगीर भाभा प्रेमकुमार मणि सुमंत जी के एक रिपोस्ट से जानकारी मिली कि आज वैज्ञानिक होमी जहांगीर भाभा का जन्मदिन है । यह भी जान सका कि कुछ समय…