हरिहर प्रसाद चौधरी ‘नूतन’ के पाँच गीत 

हरिहर प्रसाद चौधरी ‘नूतन’ के पाँच गीत  (कवि की पुण्यतिथि पर स्मरण)    विघटन की गहराइयाँ  छोटे-छोटे सुख के पौधे, ऐश्वयों की डालियाँ बौरायी हैं खट्टे-मीठे फलवाली अमराइयाँ । धोखे…

विशिष्ट गीतकार :: हीरालाल मिश्र मधुकर

विशिष्ट गीतकार- हीरालाल मिश्र मधुकर  उठो जवान उठो जवान! मातृभूमि को नया विधान दो। वसुन्धरा पुकारती प्रवीण प्राण दान दो। उठो किसान, बाल-वृंद, वृद्ध-नौजवां उठो, उठो कराल काल कालिका के…

विशिष्ट गीतकार :: वशिष्ठ अनूप

वशिष्ठ अनूप के दो गीत   हमारा वतन जाति-धर्मों में इसको न बाँटे कोई प्रेम की पाठशाला हमारा वतन । इसके जैसा नहीं है कोई दूसरा सारे जग से निराला…

विशिष्ट गीतकार :: मधुकर वनमाली

मधुकर वनमाली के सात गीत परिचय पूछ रहे हो परिचय मेरा मुझ से क्या मधुकर से पूछो खग मृग जो कुछ नहीं बताए गिरि कानन तरुवर से पूछो।   हँसते…

विशिष्ट गीतकार :: कमल किशोर मिश्र

महका हरसिंगार खुली रह गई खिड़की मन की, महका हरसिंगार रात भर। शीतल मलयानिल रजनी के, जूड़े में ध्रुव टाँक रहा था। बिखराता ज्योत्स्ना अजिर में, सुघर चंद्रमा झांक रहा…

विशिष्ट गीतकार :: हीरालाल मिश्र मधुकर

1 थक गई संवेदना को  पंख दे दो प्यार के खिलते कँवल कुम्हिला  रहे हैं । आँख का पानी सिमटता जा रहा है  अंकुरित  श्रद्धा शिथिल होने लगी है समय…

विशिष्ट गीतकार :: मधुकर अष्ठाना

अर्थ उलट जाते हैं कुछ बातें सीधी होती हैं लेकिन अर्थ उलट जाते हैं काने को काना कह देना आग लगा देता है अक्सर गहन अमाँ से भी हो जाती…

विशिष्ट गीतकार :: दिनेश प्रभात

गाँव ढूँढते हो पहले काटा पेड़ और अब  छांँव ढूँढते हो पागल हो, इस महानगर में गांँव ढूँढते हो   मिलने और मिलाने वाली रीतों को छोड़ा चिट्ठी – पत्री…

विशिष्ट गीतकार : गरिमा सक्सेना

1 प्रिय मल गए गुलाल पतझर-सा यह जीवन जो था क्लांत, दुखद, बेहाल उसमें तुम फागुन-सा आकर प्रिय मल गए गुलाल ग़म को निर्वासित कर तुमने मेरा मोल बताया जो…

विशिष्ट गीतकार :: हरिनारायण सिंह ‘हरि’

1 बहुएँ-बेटे आये घर गुलजार हो गया ! आँगन खिल-खिल बच्चों से इस बार हो गया ! अधिक रौशनी दीपों में दिख रहा बंधु है पुलकित होता रह-रह कर हृद-प्यार…