श्रद्धांजलि : अमन चांदपुरी के गीत

श्रद्धांजलि : अमन चांदपुरी के गीत 1 वह मिलन के स्वप्न बुनती रह गई पर प्रीत की डोरी न अब तक जोड़ पाई रूप-रँग औ’ रस सभी फीके पड़े हैं…

विशिष्ट गीतकार :: शैलेंद्र शर्मा

सावन के झूले यादों में शेष रहे सावन के झूले गाँव-गाँव फैल गई शहरों की धूल छुईमुई पुरवा पर हँसते बबूल रह-रहके सूरज तरेरता है आँखें बाहों में भरने को…

विशिष्ट गीतकार : रविशंकर मिश्र

नज़र लग गयी घायल है, चोट किधर किधर लग गयी, सोने की चिड़िया की फिकर लग गयी। हौसला गज़ब का था गज़ब की उड़ान एक किये रहती थी धरा आसमान…

विशिष्ट गीतकार : ज्ञान प्रकाश आकुल

(1) जितने लोग पढ़ेंगे पढ़कर, जितनी बार नयन रोयेंगे समझो उतनी बार, गीत को लिखने वाला रोया होगा। सदियों की अनुभूत उदासी यूँ ही नहीं कथ्य में आयी आँसू आँसू…

विशिष्ट गीतकार : वीरेन्द्र आस्तिक

सर-सर बहा पवन अकस्मात इस मधुवन में सर-सर बहा पवन तभी देखने में आया इक नटखट मौसम झूम उठी हर टहनी जैसे झूम उठें झूमर कई जंगली चिड़ियां बैठी झूल…

विशिष्ट गीतकार : राम किशोर दाहिया

स्वाभिमान का जीना  लीकें होती रहीं पुरानी सड़कों में तब्दील नियम-धरम का पालन कर हम भटके मीलों-मील । लगीं अर्जियाँ ख़ारिज लौटीं द्वार कौन-सा देखें उलटी गिनती फ़ाइल पढ़ती किसके…

विशिष्ट गीतकार :: शुभम् श्रीवास्तव ओम्

एक चिड़िया फड़फड़ाती अब असम्भव हो रहा है इस व्यथा को शब्द देना रील में उलझे हुए पर एक चिड़िया फड़फड़ाती। उँगलियों के पोर में कुछ काँच के जैसा करकता…

विशिष्ट गीतकार : अवनीश त्रिपाठी

【एक】 अँजुरी भर अँगड़ाई सिरज रहा है धूप सलोनी सिरहाने पर सूरज भोर झरोखे पर ले आई अँजुरी भर अँगड़ाई। दूर क्षितिज पर टहल रहे हैं बादल के मृगछौने श्याम-सलोने…

विशिष्ट गीतकार : साेनरूपा

सूना सूना सा दरपन नहीं चाहिए! तुम न हो ऐसा जीवन नहीं चाहिए! फूल कब खिल सका है धरा के बिना ख़ुशबुएं कब उड़ी हैं हवा के बिना बिन नयन…

विशिष्ट गीतकार : शिव कुमार बिलगरामी

प्यार करते हो मुझे तुम तो यही उपहार देना मैं तुम्हारा हो न पाऊँ , फिर भी मुझको प्यार देना तुम अगर मेरे सुहृद हो तो मुझे तुम प्यार करना…